Fake RERA approved plot: चिचोली में बड़ा झोल, प्रमोटर्स के झूठ की खुली पोल
Fake RERA approved plot: Big scam in Chicholi, promoters' lies exposed
Fake RERA approved plot: क्षेत्र में रेरा नियमों को ताक पर रखकर प्लॉट बेचने का एक बड़ा खेल सामने आया है। यथार्थ योद्धा द्वारा किए गए खुलासे के बाद भी आनंद विहार रेजिडेंसी के प्रमोटर्स के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने अब नेशनल हाईवे 47 (हरदा रोड) पर एक विशालकाय अवैध फ्लेक्स बोर्ड टांग दिया है। इस बोर्ड पर सरेआम ग्राहकों को फंसाने के लिए झूठ का सहारा लिया जा रहा है।

हाईवे किनारे लगे इस होर्डिंग पर प्रमोटर्स ने साफ अक्षरों में टी.एंड.सी.पी. एवं रेरा अनुमोदित प्लाटों की श्रृंखला लिख रखा है। लेकिन जब इस दावे की असलियत जानने के लिए रेरा के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल पर जांच की गई, तो प्रमोटर्स का झूठ रंगे हाथों पकड़ा गया। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार आनंद विहार रेजिडेंसी का आवेदन अभी भी In Progress यानी प्रक्रियाधीन है। कानूनन जब तक अंतिम रजिस्ट्रेशन नंबर जारी नहीं होता, तब तक कोई भी प्रमोटर अपने प्रोजेक्ट को अनुमोदित या रेरा अप्रूव्ड नहीं लिख सकता।
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Fake RERA approved plot: फ्लेक्स ने खोली 5 प्रमोटर्स की पोल
सोशल मीडिया पर तो केवल दो ही पार्टनर प्रचार कर रहे थे, लेकिन हाईवे पर लगे इस फ्लेक्स ने पूरी फर्म के कर्ताधर्ताओं का खुलासा कर दिया है। बोर्ड पर ग्राहकों को गुमराह करने वाले इस प्रचार के नीचे बाकायदा 5 प्रमोटर्स राजेश आर्य, किशोर जैन, राहुल वडुक्ले, मोरेश बचले और प्रवीण बिहारे के मोबाइल नंबर दर्ज हैं।

विधिक जानकारों के मुताबिक बिना फाइनल रजिस्ट्रेशन के इस तरह ऑन-ग्राउंड होर्डिंग लगाकर मार्केटिंग करना सीधे तौर पर रेरा अधिनियम 2016 की धारा 3 और 12 का खुला उल्लंघन है।

Fake RERA approved plot: लाखों की पेनल्टी का प्रावधान
बिना वैध रेरा रजिस्ट्रेशन नंबर के रेरा अनुमोदित का झूठा ठप्पा लगाकर प्लॉट बेचना और विज्ञापन करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। रेरा अधिनियम की धारा 59 के तहत इस प्रकार के अवैध कृत्य के लिए प्रमोटर्स पर प्रोजेक्ट की कुल अनुमानित लागत का 10 प्रतिशत तक भारी-भरकम जुर्माना लगाने और जेल भेजने का सख्त प्रावधान है। हाईवे पर लगे इस बोर्ड का साक्ष्य अब पूरी तरह रिकॉर्ड पर आ चुका है, जिससे प्रमोटर्स का बचना नामुमकिन नजर आ रहा है।
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