बैतूल

Bhimpur school toilet corruption: डेढ़ लाख की रिश्वत मांगने वाले बीआरसी जैसवाल के खिलाफ डीपीसी का एक्शन

Bhimpur school toilet corruption: DPC takes action against BRC Jaiswal for demanding a bribe of ₹1.5 lakh.

Bhimpur school toilet corruption: विकासखंड भीमपुर के स्कूलों में शौचालय निर्माण और मरम्मत के नाम पर ठेकेदारों से डेढ़ लाख रुपये की कथित घूस मांगने के गंभीर मामले में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। यथार्थ योद्धा समाचार पत्र द्वारा इस मामले को प्रमुखता से उजागर करने और संपादक सागर करके की निरंतर शिकायतों के बाद, कार्यालय कलेक्टर (जिला शिक्षा केंद्र) बैतूल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक जिला स्तरीय जांच दल का गठन कर दिया है।

Bhimpur school toilet corruption

Bhimpur school toilet corruption: जांच के घेरे में ‘साहब’ का कार्यकाल, फाइलों से बाहर निकलेगी हकीकत

कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक क्र./जिशिके/सतर्कता/2026/1758 के तहत गठित इस 3 सदस्यीय विशेष जांच दल को दफ्तर में बैठने के बजाय सीधे धरातल पर जाकर भौतिक सत्यापन करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। टीम मुख्य रूप से 9 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर केंद्रित रहेगी, जिसमें यह जांचा जाएगा कि यह निर्माण और मरम्मत कार्य किस-किस शाला के हैं, इनकी वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है, कार्य वास्तव में किसके द्वारा कराया गया और क्या निर्माण करने वाली एजेंसी शासन के नियमों के तहत अनुबंधित थी।

Bhimpur school toilet corruption

इसके साथ ही अनुबंध की शर्तों, शासकीय व तकनीकी स्वीकृति (ए.एस./टी.एस.) के प्रस्ताव, संबंधित उपयंत्री व शाला स्तर से की गई मॉनिटरिंग की भूमिका की भी बारीकी से फाइल खंगाली जाएगी। इस पूरी जांच का सबसे अहम हिस्सा यह है कि टीम को प्रत्येक शौचालय का ‘स्थल पंचनामा’ तैयार कर जियो टैग के साथ वास्तविक डिजिटल फोटोग्राफ संलग्न करने होंगे, ताकि कागजी लीपापोती की गुंजाइश न रहे। 

Bhimpur school toilet corruption 

Bhimpur school toilet corruption: रिपोर्ट के आधार पर तय होगी आगे की कार्रवाई

आदेश पत्र के अनुसार, जांच टीम को पूरी निष्पक्षता के साथ यह सघन जांच प्रतिवेदन मय अभिमत के महज तीन दिवस के भीतर उच्च कार्यालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है। इस विस्तृत जांच रिपोर्ट के आने के बाद ही प्रशासन यह तय करेगा कि कथित भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले में आगे क्या और कितनी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जानी है।

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Kartik Trivedi

Kartik Trivedi is the Editor in Chief of Yatharth Yoddha Digital Desk and He is also the youngest Publisher and Editor of Medhavi Samachar.

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