Shankar Vihar Colony Exposed: कागज़ों में ‘पास’, रिकॉर्ड में ‘फेल’-शंकर विहार कॉलोनी का क्या है खेल?
Shankar Vihar Colony Exposed: 'Pass' on paper, 'Fail' on record - what is the game of Shankar Vihar Colony?
Shankar Vihar Colony Exposed: शहर के टिकारी क्षेत्र में काटी जा रही ‘शंकर विहार कॉलोनी’ इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से मिली अनुज्ञा की आड़ में चल रहे इस पूरे प्रोजेक्ट की हकीकत तब सामने आई, जब सक्षम रेरा अथॉरिटी के सरकारी आंकड़ों और आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई। रेरा रिकॉर्ड के अनुसार, इस कॉलोनी के विकास से जुड़े मुख्य आवेदन को खारिज कर दिया गया है।
Shankar Vihar Colony Exposed: स्थापित नियमों के मुताबिक, आवेदन खारिज होने के बाद संबंधित प्रोजेक्ट में प्लॉट बेचना या एडवांस बुकिंग लेना पूरी तरह प्रतिबंधित माना जाता है। लेकिन सूत्रों का बड़ा दावा है कि इन तमाम बंदिशों को ठेंगा दिखाकर यहाँ धड़ल्ले से प्लॉट की खरीद-फरोख्त का काम किया जा चुका है।
Shankar Vihar Colony Exposed: दावों और हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर
आधिकारिक आदेशों के मुताबिक, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने करीब 20,680 वर्ग मीटर की इस भूमि पर बिजली लाइन, पक्की सड़क, ड्रेनेज, ओवरहेड वॉटर टैंक और सीवेज सिस्टम जैसी कड़ी शर्तों पर ले-आउट पास किया था। नियम कहते हैं कि जब तक धरातल पर ये बुनियादी सुविधाएं पूरी नहीं होतीं, तब तक विकास पूर्ण नहीं माना जा सकता। लेकिन सूत्रों की मानें तो धरातल पर आज भी बुनियादी अधोसंरचना का वैसा स्वरूप नज़र नहीं आ रहा है जैसा नियमों में तय था, जबकि कागजी दावों में सब कुछ दुरुस्त बताया जा रहा है।
Shankar Vihar Colony Exposed: नाले के मुहाने पर विकास, खरीदारों की सांसें अटकीं
टीएंडसीपी के आधिकारिक नक्शे को देखें तो इस कॉलोनी के दोनों तरफ प्राकृतिक नाला बह रहा है। नियमों के मुताबिक जल प्रवाह क्षेत्र से एक निश्चित बफर जोन छोड़ना अनिवार्य होता है। सूत्रों का कहना है कि मौके पर इन संवेदनशील नियमों की कितनी पालना हुई है, यह गहरी जांच का विषय है। यदि बारिश के इन दिनों में यहाँ जलभराव की स्थिति बनती है, तो मासूम खरीदारों की गाढ़ी कमाई डूबने का अंदेसा साफ नजर आता है। इसके अलावा नक्शे में आरक्षित सार्वजनिक उपयोग की भूमि और गरीबों के लिए तय 15% कोटे की जमीन मौके पर सुरक्षित है या नहीं, इस पर भी संशय बना हुआ है।
Shankar Vihar Colony Exposed: शर्तों के उल्लंघन पर ‘स्वतः निरस्त’ का नियम
टीएंडसीपी के आदेश पत्र के अंतिम पंक्ति पर साफ लिखा है कि शर्तों का उल्लंघन होने, तथ्यों को छुपाने या भूमि विवाद की स्थिति निर्मित होने पर यह अनुमति स्वतः ही निरस्त मानी जाएगी। जब सक्षम रेरा अथॉरिटी ने ही इस प्रोजेक्ट से जुड़े आवेदन को रिजेक्ट लिस्ट में डाल दिया है, तो स्थानीय प्रशासन का इस पूरे मामले पर नजर ना डालना गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या प्रशासन किसी बड़ी गड़बड़ी का इंतजार कर रहा है या इस अवैध गतिविधि पर जल्द ही कानून का हंटर चलेगा?
Shankar Vihar Colony Exposed: प्रमोटर का पक्ष
कुछ समय पूर्व जब इस विषय को लेकर प्रमोटर/कॉलोनाइजर राजेश कुमार सोनी से बात की गई थी, तो उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि–
“मेरी कॉलोनी पूरी तरह रेरा पंजीकृत है। टीएंडसीपी नियमों के मुताबिक जो भी कंस्ट्रक्शन रोड, नाली आदि करना था, वह सब बन चुका है। जो काम अभी बचे हुए हैं, उनका काम वर्तमान में साइट पर चल रहा है।“
Shankar Vihar Colony Exposed: बड़ा सवाल: अगर प्रोजेक्ट पूरी तरह नियमों के दायरे में है, तो सरकारी रिकॉर्ड और रेरा अथॉरिटी के आंकड़ों में शंकर विहार कॉलोनी का एप्लीकेशन स्टेटस स्पष्ट रूप से “खारिज” क्यों दर्ज है? कॉलोनाइजर महोदय इस रिजेक्शन की बात को छुपाकर जनता की गाढ़ी कमाई को दांव पर क्यों लगा रहे हैं?
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