छिंदवाड़ा

Chhindwara News : कन्हान क्षेत्र की मुआरी कोयला खदान बंद

Chhindwara News : Muari coal mine of Kanhan area closed

Chhindwara News : विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव के पहले कोयलांचल क्षेत्र में वन एवं पर्यावरण की लीज खत्म होने तथा भारी घाटे के कारण तीन भूमिगत खदानों के रिकॉर्ड में बंद होने को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त हडकम मच गया है । गत मंगलवार को कन्हान क्षेत्र की भूमिगत कोयला खदान मुआरी को प्रबंधन ने प्रबंध कर दिया । खदान में 500 से अधिक कर्मचारी हैं और बहुत से ठेका मजदूर भी काम करने जाते हैं । खदान में बमुश्किल 200 टन कोयला निकाला जा रहा था । इस खदान में 01 टन कोयला निकालने में 17000/- रुपए से अधिक का घाटा हो रहा है | मंगलवार के दिन जब प्रथम पाली में कर्मचारी मैंगनीज से बारुद लेकर खदान पहुंचे तो उसे वापस कर दिया गया | जो कर्मचारी कोयला उत्पादन में लगे थे उन्हें भी मना कर दिया गया | बुधवार को उप क्षेत्रीय प्रबंधक ने खान प्रबंधक एवं पांचो श्रमिक संघठन के प्रतिनिधियों की बैठक ले ली । जिसमें मुआरी खदान के कर्मचारियों का नई भूमिगत खदान शारदा परियोजना में तबादला करने पर चर्चा की । इस बारे में श्रमिक प्रतिनिधियों का कहना था कि वह अपने वरिष्ठ पदाधिकारी से इस मामले में चर्चा करेंगे । बैठक में उप क्षेत्रीय प्रबंधक ने प्रतिनिधियों को वन एवं पर्यावरण विभाग की लीज़ खत्म होने तथा खदान चलाने की विभाग से अनुमति नहीं मिलने के कारण मुआरी खदान को बंद होने का कारण बताया । प्रबंधन ने खदान से प्रतिटन कोयला निकालने पर 17300/- से अधिक घाटे की भी जानकारी दी । ज्ञात होकि मुआरी खदान वर्ष 1990 में खोली गई थी इस खदान को बार-बार छत गिरने, जहरीली गैस के रीसाब एवं घाटे के कारण गत मार्च 2018 में खदान बंद करने का आदेश था । लेकिन श्रमिक संगठनों, राजनीतिक पार्टियों एवं क्षेत्र वासियो के द्वारा आंदोलन करने के कारण खदान बंद करने से रोक दिया गया था और फिर विधानसभा लोकसभा के चुनाव के कारण भी खदान बंद नहीं हो पाई । लेकिन यह माना जा रहा है कि जब नई भूमिगत खदान शारदा परियोजना खुलेगी तो मुआरी खदान को बंद कर दिया जाएगा । अब क्योंकि एक माह के भीतर शारदा खदान में कोयले का उत्पादन शुरू होने वाला है इसलिए कर्मचारियों की आवश्यकता है खदान में 547 कर्मचारियों को रखने की योजना है इसलिए मुआरी खदान के कर्मचारियों को शारदा में तबादले पर भेजा जाएगा । गौर तलब है कि वन एवं पर्यावरण विभाग की लीज़ खत्म होने पर कन्हान क्षेत्र की तानसी एवं पेन पेंच क्षेत्र की महादेव पूरी भूमिगत खदान को दस्तावेजों में बंद कर दिया गया है । इन तीनों खदानों में 1600 कर्मचारी कार्यरत हैं ।

Sagar Karkare

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