Betul News : जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन आदेश, निर्देश और कार्रवाई की फाइलों में गजब का बैलेंस रखते हैं, इसका नमूना 9 तारीख को 47 ग्राम पंचायत सचिवों के हुए थोकबंद तबादला आदेश में देखने को मिला, ये 47 पंचायत सचिव ज्यादातर वो हैं जिन्होंने अपनी ग्राम पंचायतों में गले-गले तक भ्रष्टाचार किया है, इसका एक नमूना भीमपुर ब्लॉक की केकडिय़ाकला और बासिंदा ग्राम पंचायतों में देखने को मिला है, केकडिय़ाकला ग्राम पंचायत के सचिव जगदीश ठाकुर का सोमवार 9 जून को केकडिय़ाकला से प्रभातपट्टन के सावंगी तबादला हो गया, अब सीईओ साहब के पास लगभग तीन माह से पेंडिंग केकडिय़ाकला ग्राम पंचायत में हुए लाखों के भ्रष्टाचार की फाइल पूछताछ, सवाल-जवाब सब कंपलीट होकर पड़ी है, लेकिन साहब की कलम उस कार्रवाई की फाइल पर न चलते हुए तत्काल की 9 जून की तबादला आदेश की फाइल पर चल गई, यदि कार्रवाई के आदेश की फाइल पर कलम चलती तो कई ग्राम पंचायतों के सचिवों की वाट लगना तय था। अब ऐसा क्यों हुआ कि कार्रवाई के आदेश की फाइल की धूल साफ नहीं हुई इससे ऐसा लगता है कि अनियमितताओं की दलदल में आंकठ डूबे सचिवों को जिला पंचायत सीईओ ने अभयदान दे दिया हो, जो आरोप-प्रत्यारोप केकडिय़ाकला ग्राम पंचायत के सचिव पर चल रहे थे उसमेेें सभी जांच होकर फरवरी में ही साहब के पास भीमपुर जनपद पंचायत के सीईओ का प्रतिवेदन आ गया था, लेकिन मार्च, अप्रैल, मई और अब जून चार माह साहब थोड़ा ज्यादा व्यस्त रहे।
Betul News:भीमपुर जनपद पंचायत के केकडिय़ाकला और बासिंदा ग्राम पंचायत का मामला
भीमपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जिला पंचायत बैतूल का पत्र मिलने के बाद जांच प्रतिवेदन के सभी बिंदुओं पर जांच करके पत्र 6 फरवरी 2025 को जिला पंचायत सीईओ बैतूल को भेज दिया था, लेकिन जांच प्रतिवेदन का पत्र मिलने के चार माह बाद भी सीईओ साहब ने व्यस्तताओं के चलते इस ओर ध्यान नहीं दे सके। खैर जो भी लेकिन लेकिन केकडिय़ाकला में लाखों के भ्रष्टाचार में होने वाली कार्रवाई अब ठंडे बस्ते में जाते दिखाई दे रही है और जिला पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशाना लगा रही है। जिला पंचायत सीईओ अक्षत जैन ने सीईओ भीमपुर के जाचं प्रतिवेदन पर अपने 7 मार्च को जारी कारण बताओ सूचना पत्र में स्पष्ट किया था कि अमर सिंह साईचर सरपंच केकडिय़ाकला, जगदीश ठाकुर सचिव केकडिय़ाकला, लोकेश मोरसे मोबलाईजर ग्राम पंचायत बटकी तीनों को उनके पत्र में पांच बिंदुओ ंपर वित्तीय अनियमितता और अनुशासनहीनता का दोषी पाया, लेकिन कार्रवाई की फाइल चार माह चली ढाई कोस वाली कहावत भी यहां सिद्ध हो रही है।
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जिन पांच बिंदुओं पर पंचायत के तीनों पदाधिकारी दोषी पाए गए उनमें गाम पंचायत की उपसरपंच कविता तोमर द्वारा निर्माण कार्यों की जानकारी सचिव जगदीश ठाकुर से चाही गई थी, इस पर ठाकुर ने जानकारी देने की बजाए महिला उपसरपंच से अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कर अनुशासनहीनता की। वहीं मनरेगा में अमृत सरोवर, लघु तालाब के कामों में सामग्री प्रदाय करने वालों को लाखों का भुगतान नहीं किया गया। इसकी कुछ राशि मोबेलाईजर के खाते में डाली गई। बटकी का यह मोबलाईजर बिना शासन की अनुमति के दूसरे राजनीतिक पदों पर नेतागिरी करता मिला है, और आर्थिक अनियमितताओं का भी दोषी है। वहीं सचिव जगदीश ठाकुर जनवरी से 6 फरवरी तक केवल 14 दिन ही पंचायत में आए बाकी दिन गोल मार दिया। वर्ष 2024 में भी सचिव की पंचायत में मौजूदगी नदारत जैसी रही। इसके अलावा केकडिय़ाकला में कई निर्माण कार्यों में अनियमितताओं के मामले में सचिव जगदीश ठाकुर लिप्त पाए गए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर उनका तबादला हो गया और कार्रवाई लटकी रह गई।



