Betul Today News: बारिश में सीमांकन से आदिवासी किसानों की फसल बर्बाद डब्लूसीएल अधिकारियों के दबाव में राजस्व विभाग कर रहा सीमांकन नियमों की अनदेखी से किसानों के साथ हो रहा अन्याय, वीडियो में कोई जवाब देते नजर नहीं आ रहे अधिकारी
Betul Today News:Crops of tribal farmers ruined due to demarcation in rain Revenue department is demarcating under pressure from WCL officials Injustice is being done to the farmers due to ignoring the rules, officials are not seen giving any answer in the video
Betul Today News: सारणी क्षेत्र अंतर्गत आने वाले छतरपुर ग्राम के गरीब आदिवासी किसानों के लिए बारिश का मौसम मुसीबत बन गया है। किसानों ने नायब तहसीलदार के खिलाफ डब्लूसीएल (वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) पाथाखेड़ा कंपनी के अधिकारियों के दबाव में नियम विरुद्ध सीमांकन करने का आरोप लगाया है। इस प्रक्रिया में राजस्व विभाग और डब्लूसीएल के कर्मचारी मिलकर लगभग 20 लोग किसानों की खड़ी धान और मक्के की फसल में घुस रहे हैं, जिससे फसल को भारी नुकसान हो रहा है।

किसानों का आरोप है कि डब्लूसीएल के अधिकारी श्री यादव किसानों को धमकाते हैं और सीमांकन के विरोध करने पर उन्हें डराते हैं। सामान्य परिस्थितियों में राजस्व विभाग फसल कटने के बाद सीमांकन करता है, लेकिन इस बार डब्लूसीएल अधिकारियों के दबाव में बारिश के दौरान ही सीमांकन किया जा रहा है। कोई आम नागरिक यदि सीमांकन की मांग करता तो उसे ऑनलाइन आवेदन कर मार्च के बाद सीमांकन की बात कही जाती, लेकिन डब्लूसीएल के दबाव में सब नियमों की अनदेखी की जा रही है।
वर्कशॉप के पीछे की जमीन को लेकर विवाद
डब्लूसीएल अधिकारी सादिक अहमद रिजवी के पिता मंजूर अहमद रिजवी के आवेदन पर बगडोना में वर्कशॉप के पीछे युवा जन चेतना शिक्षा समिति की भूमि खसरा नं. 65/1 से लगी डब्लूसीएल की भूमि का सीमांकन किया जा रहा है। 24 जुलाई को भी सीमांकन के लिए चांदा खोजा गया था, लेकिन सही चांदा नहीं मिलने पर, 5 अगस्त को फिर से सीमांकन के लिए खेतों में प्रवेश किया गया, जिससे किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो रही है। किसानों द्वारा जब इस नियम विरुद्ध कार्रवाई का विरोध किया गया और इसका कारण पूछा तो तहसीलदार द्वारा चुप्पी साधकर किसान को कोई संतुष्टीजनक जवाब नहीं दिया गया।
किसानों की अपील
किसानों ने प्रशासन से अपील की है कि बारिश के मौसम में सीमांकन का कार्य तुरंत रोका जाए और फसल कटाई के बाद ही इस कार्य को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि डब्लूसीएल अधिकारियों के दबाव में हो रही इस कार्रवाई से उनकी मेहनत बर्बाद हो रही है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि इस पर तत्काल ध्यान नहीं दिया गया तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। किसानों का आरोप है कि इस कार्य में नियमों की अनदेखी की जा रही है और उनके साथ अन्याय हो रहा है। किसानों की इस समस्या पर अब प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया होगी और क्या कदम उठाए जाएंगे, यह देखना बाकी है। फिलहाल, किसानों की फसल बचाने के लिए सीमांकन कार्य को रोकने की मांग की जा रही है।



