Betul Samachar : अस्पताल की जगह पर बस स्टेण्ड, तहसील की जमीन पर सार्वजनिक शौचालय बनाने का रचा जा रहा षड्यंत्र
Betul Samachar: A conspiracy is being hatched to build a bus stand in place of the hospital, a public toilet on Tehsil land
नागरिकों को सुविधाएं देना नहीं बल्की अपने निजी स्वार्थ की सिद्धी करना नेताओं का उद्देश्य
घोडाडोंगरी विधान सभा क्षेत्र 132 के कांग्रेस प्रवक्ता रूपेश आर्य ने लगाए आरोप

Betul Samachar : (बैतूल)। क्षेत्र के ग्रामीणों, नागरिकों की सुविधाओं में कैसे डाका डाला जाता है ये भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं से सीखा जा सकता है। पिछले कई सालों से चिचोली नगर मुख्यालय पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का उन्नमुखीकरण करते हुये सिविल अस्पताल की मांग क्षेत्रवासी लम्बे समय से करते आ रहे है। उचित स्वास्थ्य सुविधाएं न होने के कारण हजारों लोगों को समय पर इलाज न मिलने के कारण अपनी जान से तक हाथ धोना पड़ रहा है। लेकिन सत्ता पक्ष से जुड़े स्वार्थी नेता जिनका उद्देश्य नागरिकों को सुविधाएं नहीं देना है, लेकिन अपना स्वार्थ कैसे सिद्ध हो सकें जिसका प्रपंच दिन-रात इनके द्वारा रचा जा रहा है।
घोडाडोंगरी विधान सभा क्षेत्र 132 के कांग्रेस प्रवक्ता रूपेश आर्य ने यह आरोप लगाते हुए बताया कि अनेकों बार शासन को अवगत कराने के बावजूद भी शासन को गुमराह कर विकास के नाम पर बस स्टेण्ड बनाने की बात इनके द्वारा की जाती है एवं शासकीय अस्पताल की जमीन पर सिविल अस्पताल बने इस मांग को करने वाले लोगों को विकास में बाधा बताया जाता है। जबकि 19 वर्ष से राज्य सरकार एवं नगर परिषद चिचोली के गठन होने के पश्चात लगातार तीसरी बार यही लोग नगर की सत्ता पर भी काबिज है। लेकिन इस दौर में किसका विकास हुआ है और क्या विकास हुआ है, ये किसी से छिपा नही है। कैसी सड़के है, कैसी नालियाँ है एवं कैसी सुविधाएं है, करोड़ों रूपये खर्च के बाद ये सभी जानते है।
(Betul Samachar )प्रशासन को बार-बार गुमराह कर एवं सत्ता की धौंस जमाकर बार-बार शासकीय अस्पताल की जमीन पर सिर्फ इसलिये बस स्टेण्ड बनवाना चाहते है कि उसके आसपास खाली पड़ी जमीन पर इनकी पैनी नजर है। इनका उद्देश्य नागरिकों को सुविधाएं देना नहीं बल्की अपने निजी स्वार्थ की सिद्धी करना है। फोरलेन बनने के बाद वैसे भी नियमनानुसार फोरलेन के साईड में ही बस स्टेण्ड का निर्माण किया जाना उचित है। चिचोली नगर से लगी हुई नसीराबाद की पुलिया के पास गैस गोडाउन के पीछे शासन की जमीन खाली पड़ी हुई है।
उस जमीन पर भी बस स्टेण्ड बनाया जा सकता है। लेकिन इनकी नियत अस्पताल की जमीन पर ही लगी हुई है। इनके द्वारा पूर्व में भी दबंगतापूर्वक स्वास्थ्य विभाग के रहवासी आवासीय क्वाटरों को बिना अनुमति के तोड़ दिया गया।इस प्रकरण में भी शासन के द्वारा कार्यवाही की बात की गई थी, लेकिन सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण सत्ता के संरक्षण में ऐसे उल्टे-सीधे कार्यों को भी संरक्षण दिया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब बार-बार परिषद में भी एवं शासन को भी अवगत कराने के बाद भी कभी अनुविभागीय अधिकारी कभी तहसीलदार को इस जगह पर भेजा जा रहा है। क्योंकि टेण्डर ही नियम विरूद्ध कार्य की लागत से अधिक राशि पर इनके द्वारा ही किसी दूसरी फर्म जय जोगनिया के नाम से लेकर खुद के द्वारा काम करने की योजना बनाई जा रही है, जो नियम में ही नही आता है।
पार्किंग की जगह शौचालय बनाने की योजना(Betul Samachar )
इसी तरह का मामला भी सार्वजनिक शौचालय को लेकर भी इनके द्वारा शासन को गुमराह कर तहसील की जमीन पर भगवान सहस्त्रबाहु की प्रतिमा के समक्ष जहाँ पर वकीलों का चेम्बर है, तहसील में आने जाने वाले आम लोगों की पार्किंग है। उस जगह पर जानबुझकर शौचालय बनाने की योजना बनाई जा रही है। शौचालय बने व शौचालय की अत्यंत आवश्यकता भी जय स्तम्भ चौक पर है। लेकिन जिस जमीन पुलिस चौकी के पीछे थी उसे भी उनके द्वारा बंद कर मोबाईल शॉप के लिये किराये पर दे दिया गया।
तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कार्तिकेयन के समय उक्त भूमि पर शौचालय बनाने के लिये सहमति भी दी गई थी। लेकिन उसके बाद सत्ता परिवर्तन के बाद इनके द्वारा उक्त भूमि को भी अतिक्रमण कर मोबाईल की दुकान लगाने के लिये किराये पर दे दी गई है। इनका सिर्फ और सिर्फ उद्देश्य जनता एवं जनता से जुड़ी सुविधाएं नहीं बल्कि अपना निजी स्वार्थ है। यही भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं की निति, नियत और उद्देश्य है कि राम नाम जपना और पराया माल अपना।



