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Damjipura Incident: धावड़ा में गिरी आसमानी आफ़त: बिजली से झुलसे छह लोग, वन रक्षक बना फरिश्ता, एंबुलेंस नदारद

Damjipura Incident: Sky-borne disaster in Dhavda: Six people burnt by lightning, forest guard became an angel, ambulance missing

Damjipura Incident: दामजीपुरा/इदरीश विरानी भीमपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत जावरा के ग्राम धावड़ा में बुधवार रात एक बड़ा हादसा हो गया। रात करीब आठ बजे आसमान में तेज गरज-चमक के बीच एक मकान पर बिजली गिर गई, जिससे घर में बैठे छह लोग उसकी चपेट में आ गए। बिजली गिरने से मकान में आग भी लग गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

Damjipura Incident

हादसे में घायल लोगों में से चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों को तत्काल इलाज की आवश्यकता थी, लेकिन 108 एंबुलेंस को सूचना देने के बावजूद वाहन नहीं मिल सका। ऐसे में वन विभाग में कार्यरत वन रक्षक मंशा राम चौहान ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए अपने निजी वाहन से घायलों को तत्काल करीब 15 किलोमीटर दूर दामजीपुरा के अस्पताल पहुंचाया।

घटना की जानकारी देते हुए पीड़ित सुरेश कोरकू ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ घर में बैठे थे। उसी दौरान अचानक तेज आवाज और चमक के साथ बिजली सीधे उनके मकान पर आ गिरी। बिजली गिरते ही कपड़े और घर का अन्य सामान जलने लगा, जिससे घर में मौजूद उसकी पत्नी आशा बाई (35), बेटे विजय (12), संजय (10), भांजा दीपक और उसकी पत्नी सुमंत्रा (20) गंभीर रूप से झुलस गए। बताया गया है कि बिजली के असर से सभी के शरीर का एक ओर का हिस्सा सुन्न हो गया है।

Damjipura Incident

Damjipura Incident: ग्रामीणों ने आग पर काबू पाते हुए घायलों को बाहर निकाला और तत्काल मदद की कोशिश की। लेकिन एंबुलेंस सेवा नदारद रही, जिससे ग्रामीणों में काफी नाराजगी है। इस दौरान वन रक्षक मंशा राम चौहान ने घायलों को बिना देर किए अस्पताल पहुंचाया, जहां सभी का इलाज जारी है।

Damjipura Incident: स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग

ग्रामीणों ने हादसे के बाद प्रशासन से मांग की है कि ग्राम धावड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और 108 एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से कार्य करें। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा एवं पुनर्वास सहायता प्रदान की जाए।

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Damjipura Incident : बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन की भूमिका पर उठे सवाल

इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन और बिजली विभाग की सतर्कता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो घायलों की स्थिति और बेहतर हो सकती थी।

Damjipura Incident

फिलहाल चार लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है। गांव के लोग वन रक्षक की तत्परता की सराहना कर रहे हैं, जिन्होंने सही समय पर मानवता का परिचय दिया।

Damjipura Incident: उप स्वास्थ्य केंद्र बना चर्चा का विषय

सरकार द्वारा लाखो रूपये खर्च कर गांव गांव मे उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए जिससे ग्राम मे अच्छी स्वास्थ्य सुविधा मिले पर इस केंद्र मे रात्रि मे एमरजेंसी कर्मचारी नहीं होने से घायलों परेशानी का सामना करना पड़ता है!यह रात्रि कर्मचारी रहे तो रात्रि मे घायलों के उपचार मिल सकेगा , पर यह जमीनी हकीकत कुछ और बया करती है!

Damjipura Incident

Damjipura Incident: बात करें हम स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के तो महतपुर उप स्वास्थ्य केंद्र मुख्यालय पर कर्मचारी को रहने के कड़े निर्देश देने चाहिए! ग्रामीणों ने भीमपुर बीएमओ दीपक निगवाल से मांग की है की रात्रि मे उप स्वास्थ्य केंद्र मे कर्मचारी को रहने के तत्काल आदेश दिया जाये!

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Sagar Karkare

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