Betul News : प्राकृतिक आपदा से टूटी किसानों की कमर, फसलों की बर्बादी पर मुआवजे की आस
Betul News: Farmers' back broken due to natural disaster, hope of compensation for crop damage
भारतीय किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन, जल्द सर्वे कर मुआवजा देने की मांग

Betul News : (बैतूल)। भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर फसलों का सर्वे करवाकर तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। यूनियन के प्रदेश महामंत्री हंसराज गालर ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से किसानों की फसल को भारी नुकसान हुआ, लेकिन अभी तक कोई भी अधिकारी, कर्मचारी किसानों की फसल देखने नहीं आया।
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1 माह बारिश नहीं होने की वजह से किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ था और बोई वाली धान, सोयाबीन की फसल पूरी तरह सेे सूख गई थी, मक्का, सोयाबीन एवं धान की फसलों को भारी नुकसान हुआ था। इसके बावजूद कोई भी अधिकारी कर्मचारी किसानों केे खेतों में नुकसान देखने नहीं आया। इसके बाद अतिवर्षा और तेज हवा के कारण भी फसलो को भारी नुकसान हुआ है।
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कृषि संबंधी अधिकारियों से बार-बार निवेदन के बावजूद आज दिनांक तक कोई भी कर्मचारी अधिकारी किसानों के खेतों में फसलों का नुकसान देखने नहीं आया है। प्रदेश महामंत्री ने बताया कि प्राकृतिक आपदा किसानों के लिए आफत बनकर सामने आई है। किसान बर्बाद फसल पर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसान मुआवजा नहीं मिलने की आशंका से चिंतित हैं।
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यह है यूनियन की मांग
बैतूल जिले की जिन-जिन तहसीलों में भारी नुकसान हुआ है उनका शीघ्र सर्वे कराकर राहत राशि एवं फसल बीमा राशि दिलाई जाए, पिछले तीन वर्ष से बीमा कंपनियां सेटेलाईट सर्वे को मान्यता दे रही है, सेटेलाईट सर्वे से किसानों को मूर्ख बनाया जा रहा है। सेटेलाईट फसलों की फलन अफलन और फसल और घास में अंतर नहीं कर पाता है। हम किसान किसी भी सूरत में अब सेटेलाईट सर्वे को अब मान्य नहीं करेगें।
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फसलों में हुए भारी नुकसान का जमीनी सर्वे कराकर राजस्व पुस्तिका, परिपत्र की धारा 6-4 के अनुसार राहत राशि एवं ईमानदारी से फसल बीमा राशि प्रभावित किसानों को शीघ्र भुगतान की जाए। शीघ्र फसलों का सर्वे कराकर नष्ट हुई फसलों की राहत राशि और बीमा राशि प्रभावित किसानों में वितरित की जाये अन्यथा किसानों को मजबूर होकर आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन हेतु विवश होना पड़ेगा।
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