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Israel Pager Blast : हिजबुल्लाह कमांडर्स की पॉकेट तक कैसे पहुंचे बम, इजराइल का गुप्त ऑपरेशन

Israel Pager Blast:How bombs reached the pockets of Hezbollah commanders, Israel's secret operation

Israel Pager Blast:  17 सितंबर को इजराइल ने एक अत्याधुनिक गुप्त ऑपरेशन का संचालन किया, जिसका उद्देश्य लेबनान में हिजबुल्लाह कमांडर्स को लक्षित करना था। इस योजना की तैयारी दो वर्षों तक चली, जिसमें तीन देशों की कंपनियों और इजराइल की खुफिया यूनिट 8200 की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इस ऑपरेशन ने न केवल हिजबुल्लाह के संचार नेटवर्क को ध्वस्त किया, बल्कि उन्हें खतरनाक तरीके से कमजोर भी किया।

Israel Pager Blast
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Israel Pager Blast: इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ बड़े हमले की तैयारी 

दोपहर करीब 3 बजे, इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने अमेरिका के रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन को फोन किया। गैलेंट ने उन्हें बताया कि एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन चलाया जाने वाला है। यह एक स्पष्ट संकेत था कि इजराइल हिजबुल्लाह के खिलाफ किसी बड़े हमले की तैयारी कर रहा था।

करीब 30 मिनट बाद, बेरूत के एक सुपरमार्केट में खड़े एक व्यक्ति की जेब में एक डिवाइस ने बीप करना शुरू किया। 15-20 सेकंड बाद, उसी जेब में जोरदार धमाका हुआ। वह व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा, जबकि आसपास के लोग उसकी मदद के लिए दौड़ पड़े। एंबुलेंस ने उसे और अन्य घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।

Israel Pager Blast: सैकड़ों की संख्या में लोग घायल , 3000 से ज्यादा पेजर फटे 

अस्पताल में घायलों की संख्या तेजी से बढ़ती गई। सैकड़ों लोग वहां पहुंचे, जिनमें से अधिकांश को गंभीर चोटें आई थीं। कई घायलों की हालत चिंताजनक थी; कुछ की किडनी बाहर आ गई, कई लोगों की आंखें चली गईं, और कुछ ने अपनी उंगलियां तक खो दीं। यह दृश्य वास्तव में हृदयविदारक था।

Israel Pager Blast
Israel Pager Blast

शाम तक, पता चला कि एक साथ 3,000 से अधिक पेजरों में ब्लास्ट हुआ, जिसमें 12 लोगों की जान चली गई और 2,800 से ज्यादा लोग घायल हुए। इस हमले ने हिजबुल्लाह के संचार नेटवर्क को पूरी तरह से तबाह कर दिया, जिससे उनके संचालन में भारी बाधा आई। अगले दिन वॉकी-टॉकी पर विस्फोटों की लहर चलने लगी, जिससे और 14 लोग मारे गए।

Israel Pager Blast: इजरायल का यह ऑपरेशन सफल रहा , हिजबुल्लाह की ताकत हुई कमजोर 

यह ऑपरेशन इजराइल के लिए एक बड़ा सफल रहा, जिससे हिजबुल्लाह की क्षमताओं को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा। इजराइली खुफिया एजेंसियों ने वर्षों तक इस पर काम किया और जानकारी इकट्ठा की, जिससे यह संभव हो सका कि एक साथ इतने कई लक्ष्यों पर हमला किया जा सके।

इस तरह के हमले से इजराइल का संदेश साफ है: वह हिजबुल्लाह के लिए किसी भी तरह की सुरक्षा को बर्दाश्त नहीं करेगा। इसके अलावा, इस घटना ने यह भी प्रदर्शित किया कि आधुनिक युद्ध में तकनीक और खुफिया जानकारी की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।

इस ऑपरेशन ने न केवल हिजबुल्लाह की ताकत को कमजोर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि इजराइल अपने दुश्मनों के खिलाफ कितनी दूर तक जा सकता है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस तरह के हमले क्षेत्र में और अधिक अस्थिरता पैदा कर सकते हैं, जिससे भविष्य में और भी गंभीर टकराव की संभावना बढ़ सकती है।

इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और आतंकवाद से लड़ने के तरीकों पर एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा किया है। क्या इस तरह की रणनीतियाँ सही हैं, या यह केवल और अधिक हिंसा को आमंत्रित करेंगी? यह सवाल सभी देशों के लिए विचारणीय है, खासकर ऐसे क्षेत्र में जहां तनाव और संघर्ष की कोई कमी नहीं है।

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Kartik Trivedi

Kartik Trivedi is the Editor in Chief of Yatharth Yoddha Digital Desk and He is also the youngest Publisher and Editor of Medhavi Samachar.

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