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Betul Today Samachar : नोटा के प्रचार में आम नागरिकों को समझ आ रहा कैंसर के पीछे सरकार की नीतियां जिम्मेदार

Betul Today Samachar: In the promotion of NOTA, common citizens are understanding that government policies are responsible for cancer.

वोट विरूद्ध कैंसर मुहिम को लेकर सुभाष वार्ड में चलाया जनसंपर्क अभियान

Betul Today Samachar : नोटा के प्रचार में आम नागरिकों को समझ आ रहा कैंसर के पीछे सरकार की नीतियां जिम्मेदार

Betul Today Samachar : (बैतूल)। सरकार के प्रतिनिधि जिम्मेदार मंत्री मोबाईल टावर से निकलने वाले रेडिएशन से साफ इंकार करते हैं। हम मानते हैं कि आप सही है तो फिर नेता अपने  ऊंचे भवनों, बंगलो पर मोबाईल टावर क्यों नही लगा लेते ? क्या दिक्कत है? जनता को कवरेज भी अच्छा मिलेगा, कॉल भी ड्रॉप नहीं होंगे।

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सरकारी अधिकारियों के बंगले है उन पर टावर लगवा लीजिए क्यों नही लगाते जब उससे कोई खतरा नहीं है। यह बात कैंसर के खिलाफ जंग लड़ रहे समाजसेवी हेमंत चंद्र दुबे ने शुक्रवार 6 अक्टूबर को नोटा के प्रचार के दौरान शहर के नागरिकों से व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि हेमंतचंद्र दुबे द्वारा शहर में राजनीतिक दलों की लड़ाई से दूर हो कैंसर की लड़ाई में साथ हो, अभियान की शुरुआत की गई है।

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इस अभियान के माध्यम से वे आगामी विधानसभा चुनाव में नोटा की बटन दबाने के लिए प्रचार कर रहे हैं। वह लोगों को जागरुक कर रहे हैं कि नोटा मतलब मानवता की बटन है। इस बटन को दबाकर लोकतंत्र के महायज्ञ में कैंसर के खिलाफ मुहिम में हर एक मतदाता की आहुति होगी।

उन्होंने बताया कि सरकार किसी की भी बने मोबाईल कंपनियों से जितना चंदा उतनी मोबाईल टावर से निकलने वाले विकिरण का खतरा कम रिपोर्ट तैयार कर ली जाती है। सुविधानुसार मनचाहे ढंग से शोध करवा लिया जाते है। सरकार जो चाहे वह कर लेती हैं। हमारे नगर में जहां  मोबाईल टावर लगे हैं, एक बार भ्रमण कर लिया जाए, आसपास रहने वाले कितने आम नागरिकों को कैंसर हुआ है, दिख जायेगा।

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यह परिदृश्य इसलिए सामने नही आ पाता है क्योंकि कैंसर होने पर कैंसर हो गया है  किस्मत दोषी है, दूसरे भी तो रह रहे है उनको तो नहीं हुआ तुम्हारी किस्मत खराब है, उसमें हम क्या कर सकते हैं, ऐसा कहकर किस्मत पर ही ठीकरा फोड़ा जाता है। लेकिन इसके पीछे का कड़वा सच यह है कि कैंसर के पीछे सरकार की मानवता विरोध नीतियां जिम्मेदार है।

कैंसर कितना खतरनाक है सब बता दिया जाता हैं किन्तु कारण क्या ? बस सब चुप ? इधर उधर की बकवास आरोप प्रत्यारोप बहस ? कैंसर मरीज के रहने के स्थान की जांच से आसपास की स्थिति का आकलन करने को कोई तैयार नहीं ? पूरे मामले में कोई गंभीरता नहीं। यदि मोबाईल टावर से कोई खतरा नही हैं तो नगर के मोबाईल टावरों को विभिन्न- विभिन्न  स्थानों से हटाकर नगर के माननीयों के भवनों सरकारी अधिकारियों के बंगलों की खाली पड़ी जमीनों में लगाया जाए।

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श्री दुबे ने बताया कि 75 कदम 75 दिन अभियान समिति द्वारा 200 से अधिक नागरिकों से मुलाकात कर निवेदन किया गया। आम नागरिकों को यह बात समझ आ रही है कि कैंसर के फैलाव के पीछे   सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं जिसके कारण कैंसर हो रहा है और आम नागरिक मौत को गले लगा रहा है। बदले में सेवा और विकास के काम दिखाए और गिनाएं जाते है।

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अभियान के दौरान एक कैंसर पीड़ित मरीज से भी मुलाकात हुई, जिन्होंने इस अभियान को लेकर कहा कि यह बात हर नागरिक को समझनी होगी, किस तरह से सरकारी नीतियों ने समाज को कैंसर के मुंह में मरने के लिए भेज दिया है। दुबे ने बताया कि शुक्रवार सुबह सुभाष वार्ड में वोट विरूद्ध कैंसर मुहिम को लेकर झुग्गी बस्ती में आम नागरिकों से जनसंपर्क कर नोटा बटन का उपयोग वर्तमान चुनाव में करने हेतु निवेदन पत्र सौंपा गया। अभियान में लल्ली वर्मा, बबलू दुबे, रमेश भाटिया  एवं अन्य युवा साथी शामिल हुए।

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Sagar Karkare

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