Betul News : प्राकृतिक ड्रैनेज सिस्टम ने इस आदिवासी अंचल को दिया तोहफा
Betul News: Natural drainage system gave a gift to this tribal area
24 घंटे यहां इतना तेज पानी गिरा लेकिन कहीं भी जलभराव जैसी स्थिति नहीं बनी

Betul News : उत्तरी बंगाल की खाड़ी और निकटवर्ती ओडिशा तट के आसपास से लो प्रेशर एरिया के साथ साइकोनिक सर्कुलेशन सिस्टम से मध्यप्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। प्रदेश की ज्यादातर छोटी-बड़ी नदियों के साथ नाले उफान पर हैं। लगातार बारिश से इंदौर में 61, भोपाल में 11 साल का रिकॉर्ड टूट गया है।
बैतूल का कालापानी कहे जाने वाले भीमपुर में तो जैसे बादल ही फट गए। पिछले 24 घंटे में यहां इतना तेज पानी गिरा कि आंकड़ा 17.51 इंच पर पहुंच गया। यह प्रदेशभर में सबसे ज्यादा है। इसे देखकर प्रशासनिक अधिकारी चौंक गए, उन्होंने आंकड़े को क्रॉस चेक भी करवाया।
भीमपुर में 15 सितंबर की सुबह रिमझिम बारिश से शुरुआत हुई। करीब एक घंटे बाद अचानक पानी ने रफ्तार पकड़ी और फिर दिनभर एक जैसी बारिश हुई। रात में भी मूसलाधार पानी गिरा। 16 सितंबर की सुबह बारिश का आंकड़ा आया तो प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश भीमपुर में रिकॉर्ड हुई।
बारिश ने यहां लोगों का रास्ता तो रोका, लेकिन कहीं भी जलभराव जैसी स्थिति नहीं बनी। कारण- भीमपुर का ठेठ ग्रामीण परिवेश और पहाड़ों व नदियों का समावेश है। प्राकृतिक ड्रैनेज सिस्टम ने इस आदिवासी अंचल को ऐसा तोहफा दिया है कि आसमानी आफत से इन्हें कभी दो-चार नहीं होना पड़ता है।
आखिर क्यों नहीं बनती जलभराव की स्थिति
भीमपुर पहाड़ी इलाका है। इसकी ऊंचाई समुद्री तल से 657 मीटर है। यहां का वाटर सिस्टम प्राकृतिक ड्रैनेज वाला है। यहां प्रकृति के बनाए सिस्टम के कारण ही कितनी भी बारिश हो जाए, रहवासी इलाके प्रभावित नहीं होते हैं। ऊंचाई के कारण यहां पानी काफी तेजी से छंटता है।
जेएच कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एके तिवारी बताते हैं कि यहां प्राकृतिक संसाधनों के साथ ज्यादा छेड़छाड़ नहीं हुई है। यही वजह है कि बारिश का पानी हो या प्राकृतिक जल, ऊंची पहाड़ियों से होकर नदियों में चला जाता है। इसके उलट इंदौर, भोपाल जैसे शहरों में आर्टिफिशियल ड्रैनेज सिस्टम प्रकृति के अनुरूप नहीं होने से यहां जलभराव की स्थिति बन जाती है। भीमपुर हमें यही सीख दे रहा है कि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ न की जाए तो वह अपना रास्ता खुद बना लेती है।
सघन बसाहट न होना यहां के लिए वरदान
भीमपुर इलाके में बरसा पानी खंडवा और बुरहानपुर जिले को प्रभावित करता है। यहां का पानी छोटे जल स्रोत और ताप्ती की सहायक नदियों से होकर इन दोनों जिलों की ओर तेजी से बहता है। मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति को समझने वाले प्रोफेसर अरुण सिंह भदौरिया बताते हैं कि भीमपुर में सघन बसाहट नहीं है। यहां जनसंख्या घनत्व बहुत कम है। तेज बारिश होने पर खुला और ऊंचाई वाला एरिया होने से पानी आसानी से बह जाता है।
यही वजह है कि मूसलाधार बारिश होने के बाद भी यहां रहवासी इलाके जलमग्न नहीं होते हैं। ताप्ती नदी यहां की जीवनदायिनी है, जो बारिश का पानी अपने में समाहित कर बहा ले जाती है।



