बैतूल

Chindwara News : ग्राम सिमरिया की भूमि ही क्यूं चुनी भक्त कमलनाथ ने

दिव्य मंदिर के समीप हो रहा ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन

छिन्दवाड़ा : यह बात शाश्वत सत्य है कि इस धरती पर जितने भी चमत्कारिक देव स्थान है वह या तो प्रकृति निर्मित है या फिर ईश्वरी प्रेरणा से किसी व्यक्ति विशेष या किसी संस्था अथवा सार्वजनिक सहयोग से उनका निर्माण कराया गया है। हर देव स्थान का एक इतिहास है और किसी ना किसी चमत्कारिक घटना ने उस स्थान को पूजनीय और दर्शनीय बनाया है। एक ऐसी ही घटना विशेष के प्रभाव से कमलनाथ द्वारा निर्मित कराया गया है श्री सिमरिया धाम जो ना केवल लाखों करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केन्द्र है अपितु भारत वर्ष की अनेकों धार्मिक, राजनैतिक व सामाजिक हस्तियों ने यहां आकार पूजा अर्चना की और इस सनातन सत्य को अंगीकार भी किया। मंदिर निर्माण की प्रेरणा:- श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर सिमरिया धाम में कमलनाथ द्वारा 101 फीट 6 इंच ऊंची श्री हनुमान जी की प्रतिमा एवं गर्भगृह में अन्य देवी देवताओं की प्रतिमा स्थापित किये जाने के संकल्प के संदर्भ में जानकारी देते हुये श्री हनुमान मंदिर ट्रस्ट ने बताया कि ईश्वरीय प्रेरणा से कमलनाथ ने इस नवीन तीर्थ का निर्माण कराया। कमलनाथ के अनुसार एक चुनाव प्रचार के दौरान रात के लगभग दो बजे जब वे संताराचंल क्षेत्र से वापस लौट रहे थे तब उमरानाला और लिंगा के बीच उनका चौपहिया वाहन अचानक अपना संतुलन खो बैठा और दोपहियों पर काफी दूर तक घिसटता चला गया और एक भीषण दुर्घटना घटित होते-होते बची। यह घटना स्थल ग्राम सिमरिया का वही क्षेत्र है जहां के भूभाग पर आज भव्य सिमरिया धाम निर्मित है। उस समय ही कमलनाथ ने यह संकल्प लिया था कि लोगों का विघ्न और संकट हरने वाले इस स्थान पर वे एक मंदिर का निर्माण करवायेंगे क्यूंकि यह स्थान ना केवल चमत्कारिक है साथ ही जीवन दायी भी है और समय तिथि और योग के अनुसार 25 अक्टूबर 2012 को कमलनाथ ने अपने जेष्ठ पुत्र और वर्तमान में जिला के सांसद नकुलनाथ के साथ मंदिर निर्माण स्थल का भूमि पूजन किया। निर्माण व लोकार्पण:- कमलनाथ द्वारा मंदिर निर्माण के प्रथम चरण में 3 मार्च 2014 को ध्वजा पूजन का कार्य सम्पन्न हुआ व दिनांक 22,23 एवं 24 फरवरी 2015 को विभिन्न आचार्य व प्रकांड पंडितों की उपस्थिति में प्राण प्रतिष्ठा समारोह सम्पूर्ण विधि विधान से सम्पन्न हुआ। इस मंदिर परिसर में श्री हनुमान जी की प्रतिमा सहित श्री राम दरबार, श्री राधा-कृष्ण, मां दुर्गा, श्री शिव-पार्वती व श्री लक्ष्मी नारायण भगवान की मनमोहक प्रतिमायें स्थापित है। छिन्दवाड़ा से मात्र 18 किमी दूरी पर तीन एकड़ 85 डिस्मिल के भूभाग में निर्मित यह मंदिर अब भारत प्रसिद्ध होता जा रहा है। अनेकों हस्तियों ने दी नाथ परिवार को शुभाशीष:- दिनांक 27 सितम्बर 2016 को अन्नंत श्री जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी श्री स्वरूपानंद जी महाराज ने यहां पूजा अर्चना कर नाथ परिवार के इस पुण्य कार्य की सराहना कर शुभाशीष दी। समय-समय पर देश की अन्य हस्तियां जिनमें भारत के महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रसिद्ध कथा वाचक मोरारी बापू, महामंडलेश्रर अवधेशानंद महाराज, साध्वी उमा भारती, कथावाचक राजन महाराज सहित अनेकों विभूतियों का आगमन हुआ है।

अब पं. धीरेन्द्र शास्त्री जी दिव्य कथा सुनायेंगे:-

इस चमत्कारिक धार्मिक स्थल पर अब विश्व विख्यात कथा वाचक बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित श्री धीरेन्द्र शास्त्री जी 4 अगस्त 2023 को कलश यात्रा के उपरांत दिनांक 5,6 एवं 7 अगस्त को अपने मुखारबिंद से दिव्य कथा सुनायेंगे निश्चित ही यह आयोजन छिन्दवाड़ा जिले के धार्मिक आयोजनों में एक ऐतिहासिक स्वरूप में होगा जहां श्री हनुमान जी की कृपा बरसेगी और हर वर्ग के लोग एक कतार में पं. श्री धीरेन्द्र शास्त्री जी की कथा का श्रवण करेंगे। नकुल-कमलनाथ के विशेष आग्रह पर छिन्दवाड़ा पधार रहे पं. शास्त्री जी का सभी को शुभ आशीर्वाद मिलेगा।

धर्मानुरागी नकुल-कमलनाथ का आग्रह:-

श्री सिद्धेश्वर हनुमान मंदिर के लोकार्पण पर कमलनाथ ने कहा था कि “भारत ,भावना, भक्ति एवं आस्था का देश है, मैंने अपना पूरा जीवन इस देश की सेवा के लिये समर्पित किया है अपनी अंर्तआत्मा की आवाज पर मंदिर स्थापना करने का संकल्प लिया और आज भगवान की असीम कृपा से मैं यह मंदिर सनातन धर्म को समर्पित कर रहा हूं। हनुमान जी सेवा और भक्ति के प्रतीक है जहां हनुमान जी की सेवा और भक्ति होती है वहां भगवान स्वयं प्रकट हो जाते हैं। कथा श्रवण काल के दौरान कमलनाथ एवं नकुलनाथ भी उपस्थित रहेंगे।

Sagar Karkare

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